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नितीश कुमार द्वारा एक मुस्लिम डाक्टर महिला का हिजाब खींचने का मामला अब हिजाब विरोध पर आ गया है।
नितीश कुमार द्वारा एक मुस्लिम डाक्टर महिला का हिजाब खींचने का मामला अब हिजाब विरोध पर आ गया है। जो काम नितीश कुमार ने किया वह काम कोई आम नागरिक करता तो पुलिस उस व्यक्ति को पीट डालती और लंगड़ाते हुए उसकी फोटो सामने आ गयी होती।
मगर यह भांड पत्रकार और कुछ ठेकेदार लोग अब हिजाब का विरोध करने लगें हैं.... मज़ेदार बात यह है कि इनका हिजाब से दूर दूर तक कोई संबंध नहीं है और जो हिजाब पहनता है उसे इससे कोई दिक्कत नहीं है।
मैंने सारे AI सर्च इंजन CHATgpt , Grok , Meta Ai , Geamini इत्यादि इत्यादि से पूछा कि आजतक भारत में ऐसी कोई महिला है जिसने जबरन हिजाब पहनाने के खिलाफ अदालत का रुख किया हो ?
मैं हैरान हूं कि आजतक एक भी मुस्लिम महिला ऐसी नहीं जिसने हिजाब से मुक्ति के लिए अदालत की शरण ली हो , बल्कि कर्नाटक की मुस्कान और मुख्यमंत्री नितीश कुमार द्वारा जिस डाक्टर का हिजाब खींचा गया वह हिजाब लगाने के अधिकार के लिए लिए लंबी लड़ाई लड़ रहीं हैं.... नुजहत ने तो नौकरी तक छोड़ दी।
पेट में उनके दर्द है जिनका हिजाब से कोई लेना-देना नहीं....