'
बरेली में ‘लव जिहाद’ का झूठा शोर, असल में गुंडागर्दी का खेल निकला* बरेली/उत्तर प्रदेश,,,
*बरेली में ‘लव जिहाद’ का झूठा शोर, असल में गुंडागर्दी का खेल निकला*
बरेली/उत्तर प्रदेश,,,
बरेली में ‘लव जिहाद’ का नारा लगाकर कैफे में घुसने वाले कथित बजरंग दल के लोग अब बेनकाब हो गए हैं। जिस मामले को धर्म से जोड़कर हंगामा खड़ा किया गया, उसमें न तो जबरन धर्म परिवर्तन था, न कोई साजिश—बस एक नर्सिंग छात्रा की बर्थडे पार्टी थी।
बर्थडे पार्टी थी, अपराध नहीं
पीड़ित नर्सिंग छात्रा ने खुद सामने आकर बताया कि वह अपने जन्मदिन पर दोस्तों को पार्टी देने कैफे गई थी। उसके साथ क्लास के 10 दोस्त थे—हिंदू भी, मुसलमान भी।
छात्रा का साफ कहना है कि उसने खुद अपने दोस्तों को बुलाया था, कोई जबरदस्ती, कोई गलत काम नहीं हो रहा था
भीड़ आई, नारे लगे, मारपीट शुरु केक कटते ही अचानक 20–25 लोग नारेबाजी करते हुए कैफे में घुस आए। सबसे पहले सवाल पूछा गया—
“मुसलमान कौन है?”
इसके बाद बातचीत नहीं, सीधी मारपीट शुरू हो गई।
लड़की से बदतमीजी, फोन छीना छात्रा का आरोप है कि उसके दोस्तों को पीटा गया, उसके साथ बदतमीजी हुई और उसका मोबाइल फोन तक छीन लिया गया। दो युवकों को बुरी तरह मारा गया।सवाल ये है कि कानून हाथ में लेने का हक़ इन्हें किसने दिया?कैफे में तोड़फोड़ और चोरी कैफे संचालक शैलेंद्र वर्मा ने बताया कि हंगामा करने वालों ने कर्मचारियों को भी नहीं छोड़ा। कैफे में तोड़फोड़ की गई, कांच के ग्लास तोड़े गए और सिगरेट की डिब्बियां तक उठा ले गए।नुकसान करीब 40 से 50 हजार रुपये का बताया गया है।पुलिस की जांच ने झूठ उजागर कर दिया सीओ सिटी आशुतोष शिवम ने साफ कहा है कि जांच में लव जिहाद जैसा कुछ भी नहीं मिला।कैफे संचालक की शिकायत पर दो नामजद समेत कई लोगों के खिलाफ मारपीट, तोड़फोड़ और हंगामे का केस दर्ज कर लिया गया है।सवाल सीधे हैं
क्या अब जन्मदिन मनाने के लिए भी सर्टिफिकेट लेना पड़ेगा?क्या दोस्ती अब धर्म पूछकर होगी?क्या भीड़ ही अदालत बन गई है?लव जिहाद के नाम पर यह नैतिक पुलिसिंग नहीं, खुली गुंडागर्दी है।
अगर कानून ने समय रहते सख्ती नहीं दिखाई, तो अगली बारी किसी और बेटी, किसी और परिवार की हो सकती है।